नई दिल्ली/प्रयागराज। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश में उत्साह, ऊर्जा और स्वास्थ्य का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के कोने-कोने में करोड़ों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष योग शिविर आयोजित किए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने देशवासियों को योग अपनाने का संदेश देते हुए इसे स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बताया।
इस वर्ष योग दिवस का मुख्य विषय “स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए योग” रखा गया, जिसका उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना था। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। योग दिवस का यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया स्वस्थ भारत का मंत्र
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी विरासत है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली एक जीवन पद्धति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, चिंता और बीमारियों के बीच योग मानवता के लिए एक वरदान बनकर उभरा है। योग लोगों को मानसिक शांति प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और करोड़ों लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि योग हमें स्वयं को पहचानने और अपने भीतर छिपी शक्ति को जगाने का अवसर देता है। योग व्यक्ति को अनुशासन, आत्मविश्वास और संतुलन का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
योग से मिलेगा बीमारियों पर नियंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया अनेक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है। मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग इन समस्याओं से बचाव का सरल और प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास करने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वे मानसिक रूप से भी अधिक संतुलित रहते हैं। योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता बल्कि मन को भी शांत और स्थिर बनाता है। यही कारण है कि आज दुनिया के बड़े-बड़े स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी योग को अपनाने की सलाह देते हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से कहा कि वे मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में समय बिताने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के लिए भी समय निकालें। प्रतिदिन कुछ मिनट योग करने से जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
प्रयागराज में संगम तट पर योगमय हुआ माहौल
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में भाग लिया। सुबह-सुबह हजारों लोगों ने उनके साथ योगाभ्यास किया। संगम क्षेत्र योगमय वातावरण से भर गया और हर ओर स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिखाई दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। योग प्रशिक्षकों ने लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया योग का महत्व
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि योग भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व सम्मान दे रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक विकास का भी मार्ग है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और चिंता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में योग व्यक्ति को मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। योग मन को शांत करता है और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे तो वह अनेक बीमारियों से बच सकता है। योग व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार के सभी सदस्यों को योग से जोड़ें।
युवाओं के लिए योग क्यों जरूरी
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग सबसे अधिक मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। पढ़ाई, नौकरी और करियर की चुनौतियों के बीच योग युवाओं को मानसिक मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि योग से एकाग्रता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। जो विद्यार्थी नियमित योग करते हैं, वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। योग युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखने में भी मदद करता है।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
योग दिवस के कार्यक्रमों में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की विशेष भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने योग को अपने स्वास्थ्य और परिवार के बेहतर जीवन का आधार बताया। वहीं बुजुर्गों ने कहा कि नियमित योग से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से काफी लाभ मिला है।
विशेषज्ञों ने बताया कि योग महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, तनाव कम करने और शारीरिक फिटनेस बढ़ाने में मदद करता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग शरीर की लचक बनाए रखने और उम्र संबंधी समस्याओं को कम करने में सहायक है।
पूरे उत्तर प्रदेश में हुए विशेष आयोजन
योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, झांसी, आगरा और अयोध्या समेत सभी प्रमुख शहरों में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों ने योग के महत्व को समझा और नियमित योग करने का संकल्प लिया। सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी योग कार्यक्रमों में भाग लिया।
दुनिया भर में फैला योग का संदेश
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के अनेक देशों में लाखों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में भी योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक उपहार है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखाया है। योग लोगों को जोड़ता है और मानवता के बीच एकता का संदेश देता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगाभ्यास करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। योग हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा योग मानसिक तनाव को कम करता है और सकारात्मक सोच विकसित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि योग को जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है।
स्पष्टीकरण
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने देशवासियों को योग अपनाने का संदेश देते हुए इसे स्वस्थ भारत के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
देशभर में करोड़ों लोगों ने योग कर यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में योग को नियमित स्थान देंगे। योग आज केवल भारत की पहचान नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मकता का प्रतीक बन चुका है।
(inewsmitra विशेष संवाददाता | योग दिवस विशेष रिपोर्ट)
