June 22, 2026

उत्तर प्रदेश में मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, 75 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे तथा कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून और मजबूत होगा तथा अधिक जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है क्योंकि धान की रोपाई का समय चल रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल

सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बादलों का असर बना रहेगा। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है।

मेरठ और गाजियाबाद क्षेत्र में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखें।

राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में राहत के संकेत

राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों में बादलों का प्रभाव बना रहेगा। सुबह के समय उमस महसूस हो सकती है लेकिन दोपहर बाद मौसम सुहावना होने की संभावना है।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी बादलों की सक्रियता बढ़ने से अवध क्षेत्र में तापमान सामान्य से नीचे आ सकता है।

कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र में बदलेगा मौसम

कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, झांसी, जालौन और ललितपुर जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई देगा। दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

बुंदेलखंड क्षेत्र लंबे समय से गर्मी और पानी की कमी से जूझ रहा था। ऐसे में बारिश की संभावना किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। यदि अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी।

प्रयागराज और कौशांबी में बारिश के आसार

प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, मिर्जापुर और भदोही जिलों में मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। दोपहर बाद बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है और कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है।

कौशांबी जिले में भी मौसम परिवर्तन के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने धान की रोपाई की तैयारी शुरू कर दी है। मौसम अनुकूल रहने पर कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

पूर्वांचल में मानसून सबसे अधिक सक्रिय

वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और बस्ती जिलों में बारिश की संभावना सबसे अधिक बताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कई स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

रोहिलखंड क्षेत्र में भी बादलों का डेरा

बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और बिजनौर जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

पीलीभीत और तराई क्षेत्र के जिलों में वज्रपात की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।

तराई क्षेत्र में विशेष अलर्ट

लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती और पीलीभीत जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश फसलों के लिए लाभदायक होगी, लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए राहत की खबर

प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो सकेगा। कृषि विभाग ने किसानों से मौसम को ध्यान में रखते हुए खेतों की तैयारी करने की अपील की है।

बारिश के कारण भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है। साथ ही तालाबों और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ सकता है, जिससे आने वाले समय में सिंचाई की समस्या कम होगी।

लोगों के लिए सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर निर्माण वाले ढांचों से दूरी बनाए रखें।

वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश के लगभग सभी 75 जिलों में मौसम का प्रभाव दिखाई देने की संभावना है। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाएं और गरज-चमक भी मौसम का हिस्सा रहेंगी।

गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह राहत की खबर है, वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम फायदेमंद साबित हो सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।

(विशेष मौसम रिपोर्ट | उत्तर प्रदेश ब्यूरो)

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